(सम्बद्ध : दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर)
Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

Slide2

राधिका महाविद्यालय : एक दृष्टि में

शिक्षा को जन-जागरण एवं राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का सर्वाधिक सशक्त माध्यम स्वीकार करते हुए श्री भगत सिंह द्वारा शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश के हृदयस्थल गोरखपुर के ग्रामीण अंचल में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की शिक्षण संस्थाओं को संचालित करने हेतु श्री छोटक सिंह मेमोरियल सोसाइटी ' की स्थापना 28 अगस्त 2009 को की गई | राधिका महाविद्यालय, करवल मझगावां (गगहा), गोरखपुर श्री छोटक सिंह मेमोरियल सोसाइटी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कुछ प्रारम्भिक कदमों का प्रतिफल है। गोरखपुर-बड्हलगंज मार्ग पर जिला मुख्यालय से लगभग 40 कि मी. दूर दक्षिण स्थित इस महाविद्यालय की नींव विजयादशमी, 28 सितम्बर 2009 को श्री भगत सिंह एवं श्रीमती जीरा देवी के कर कमलों द्वारा रखी गयी | सम्प्रति यह महाविद्यालय दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय , गोरखपुर से सम्बद्ध है।

हमारे प्रेरणा स्त्रोत

Team1

स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद की दृष्टि में शिक्षा

शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो सभी मनुष्यों में पहले सेविद्यमान है।

शिक्षा क्‍या है? क्या यह पुस्तक विद्या है? नहीं! क्या वह नाना प्रकार का ज्ञान है? नहीं। जिस संयम के द्वारा इच्छाशक्ति का प्रवाह और विकास वश में लाया जाता है और वह फलदायक होता है, वह शिक्षा कहलाती है।

मेरे विचार से शिक्षा का सार मन की एकाग्रता प्राप्त करना है, तथ्यों का संकलन नहीं। यदि मुझे फिर से अपनी शिक्षा आरम्भ करनी हो और इसमें मेरा वश चले, तो मैं तथ्यों का अध्ययन कदापि न करूँ। मैं मन की एकाग्रता और अनाशक्ति का सामर्थ्य बढ़ाता और उपकरण के पूर्णतया तैयार होने पर उसमें इच्छानुसार तथ्यों का संकलन करता।